क्या है जोधपुर में मस्जिद गिराए जाने की हक़ीक़त
मध्य प्रदेश में बुधवार को मतदान संपन्न हो गया, लेकिन राजस्थान में सात दिसंबर को है.
चुनाव को लेकर कई तरह की फ़र्ज़ी ख़बरें सोशल मीडिया और व्हॉट्सऐप पर फैलाई जा रही हैं.
बुधवार को बहुत से लोगों ने 'एकता न्यूज़ रूम' से ये पुष्टि करनी चाही कि क्या वाक़ई जोधपुर में मस्जिद के दरवाज़े को गिरा दिया गया है?
उन्होंने लिखा कि व्हॉट्सऐप पर उन्हें एक वीडियो मिला है, जिसमें एक जेसीबी की मदद से मस्जिद के दरवाज़े को गिराया जा रहा है. वीडियो में 'जय श्री राम' के नारों की आवाज़ भी सुनाई देती हैं और इसके साथ आए संदेश में लिखा है, "जोधपुर में मस्जिद तोड़ी."
जोधपुर के स्थानीय पत्रकारों ने बताया है कि हिन्दू और मुसलमान, दोनों तबके के लोग इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं.
कुछ हिंदुओं ने इसे 'गर्व के भाव' के साथ शेयर किया है जबकि मुसलमान इसे शेयर करते हुए ये शिक़ायत कर रहे हैं कि यह विध्वंस राजस्थान की भाजपा सरकार ने कराया है.
इस वीडियो के बारे में हमने जोधपुर के पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार वशिष्ठ से बात की. उन्होंने बताया कि "वीडियो के बारे में वो कुछ नहीं कह सकते, लेकिन जोधपुर में मस्जिद तोड़ने की कोई घटना नहीं हुई है. ये एकदम झूठी ख़बर है."
लेकिन अपनी पड़ताल में हमें यू-ट्यूब पर यही वीडियो मिला, जिसमें नारों की आवाज़ नहीं सुनाई देती.
इस वीडियो को दो अक्टूबर 2018 को यू-ट्यूब पर पोस्ट किया गया था.
वीडियो पोस्ट करने वाले ने लिखा था, "भटहट की मस्जिद का विध्वंस".
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर ज़िले में 'भटहट' एक ब्लॉक है. पर क्या ये वीडियो भटहट (गोरखपुर) का है?
इसकी पुष्टि करने के लिए हमने भटहट में रहने वाले बसपा नेता आफ़ताब आलम से बात की. उन्होंने बताया कि भटहट की मस्जिद के ढांचे में बीते एक दशक में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
गोरखपुर के सामाजिक कार्यकर्ता गौरव दुबे ने आफ़ताब आलम की बात की तस्दीक की.
गौरव दुबे ने कहा, "उत्तर प्रदेश में कई जगह सड़कें चौड़ी करने का काम चल रहा है. ये वीडियो कहीं की भी हो सकती है. रही बात गोरखपुर की तो शहर के इर्द-गिर्द जब सड़कें चौड़ी की गईं तो कुछ मंदिरों और मस्जिदों को हटाया गया था, लेकिन वो काम सामाजिक सहमति से हुआ था. इसमें हिंदू-मुस्लिम के बीच विवाद की कोई बात सामने नहीं आई थी."
ये वीडियो कहाँ का है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन जोधपुर और उससे पहले गोरखपुर में 'मस्जिद के विध्वंस' की बात फ़र्ज़ी है.
चुनाव को लेकर कई तरह की फ़र्ज़ी ख़बरें सोशल मीडिया और व्हॉट्सऐप पर फैलाई जा रही हैं.
बुधवार को बहुत से लोगों ने 'एकता न्यूज़ रूम' से ये पुष्टि करनी चाही कि क्या वाक़ई जोधपुर में मस्जिद के दरवाज़े को गिरा दिया गया है?
उन्होंने लिखा कि व्हॉट्सऐप पर उन्हें एक वीडियो मिला है, जिसमें एक जेसीबी की मदद से मस्जिद के दरवाज़े को गिराया जा रहा है. वीडियो में 'जय श्री राम' के नारों की आवाज़ भी सुनाई देती हैं और इसके साथ आए संदेश में लिखा है, "जोधपुर में मस्जिद तोड़ी."
जोधपुर के स्थानीय पत्रकारों ने बताया है कि हिन्दू और मुसलमान, दोनों तबके के लोग इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं.
कुछ हिंदुओं ने इसे 'गर्व के भाव' के साथ शेयर किया है जबकि मुसलमान इसे शेयर करते हुए ये शिक़ायत कर रहे हैं कि यह विध्वंस राजस्थान की भाजपा सरकार ने कराया है.
इस वीडियो के बारे में हमने जोधपुर के पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार वशिष्ठ से बात की. उन्होंने बताया कि "वीडियो के बारे में वो कुछ नहीं कह सकते, लेकिन जोधपुर में मस्जिद तोड़ने की कोई घटना नहीं हुई है. ये एकदम झूठी ख़बर है."
लेकिन अपनी पड़ताल में हमें यू-ट्यूब पर यही वीडियो मिला, जिसमें नारों की आवाज़ नहीं सुनाई देती.
इस वीडियो को दो अक्टूबर 2018 को यू-ट्यूब पर पोस्ट किया गया था.
वीडियो पोस्ट करने वाले ने लिखा था, "भटहट की मस्जिद का विध्वंस".
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर ज़िले में 'भटहट' एक ब्लॉक है. पर क्या ये वीडियो भटहट (गोरखपुर) का है?
इसकी पुष्टि करने के लिए हमने भटहट में रहने वाले बसपा नेता आफ़ताब आलम से बात की. उन्होंने बताया कि भटहट की मस्जिद के ढांचे में बीते एक दशक में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
गोरखपुर के सामाजिक कार्यकर्ता गौरव दुबे ने आफ़ताब आलम की बात की तस्दीक की.
गौरव दुबे ने कहा, "उत्तर प्रदेश में कई जगह सड़कें चौड़ी करने का काम चल रहा है. ये वीडियो कहीं की भी हो सकती है. रही बात गोरखपुर की तो शहर के इर्द-गिर्द जब सड़कें चौड़ी की गईं तो कुछ मंदिरों और मस्जिदों को हटाया गया था, लेकिन वो काम सामाजिक सहमति से हुआ था. इसमें हिंदू-मुस्लिम के बीच विवाद की कोई बात सामने नहीं आई थी."
ये वीडियो कहाँ का है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन जोधपुर और उससे पहले गोरखपुर में 'मस्जिद के विध्वंस' की बात फ़र्ज़ी है.
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